-
851
छात्र -
812
छात्राएं -
57
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

केंद्रीय विद्यालय आई टी बी पी (प्रथम पली) , देहरादून के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून संभाग की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। उस समय इस क्षेत्र में 50 स्कूल (2 डबल शिफ्ट स्कूल सहित), लगभग 2350 शिक्षक और लगभग 46000 छात्र शामिल थे। अब इस क्षेत्र में 2 डबल शिफ्ट स्कूलों सहित 47 स्कूल, लगभग 2051 शिक्षक, 2079 कर्मचारी और 41703 छात्र शामिल हैं।
केवी आईटीबीपी, देहरादून (शिफ्ट-I) की स्थापना दिसंबर, 1987 में हुई थी
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा के एक आम कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और पैरा-सैन्य कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए; उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए; केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की राष्ट्रीय संस्था जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा के एक आम कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और पैरा-सैन्य कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए; उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए;
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती प्रीति सक्सैना
उप आयुक्त
केन्द्रीय विद्यालय भावी नागरिकों के सर्वांगीण व्यक्तित्व के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। आज शिक्षा सीमित दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ज्ञान की गहराई, चरित्र की संस्कृति और व्यक्तित्व का संयोजन है। केवीएस ने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता और उत्कृष्टता साबित करने के लिए असीमित अवसर प्रदान करने में अग्रणी पहल की है। यह एक ऐसा मंच है जो शैक्षिक मनोविज्ञान के मूल उद्देश्य के साथ धर्मनिरपेक्ष वातावरण में शैक्षणिक और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के साथ शिक्षा प्रदान करता है। राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। शिक्षकों की भी शिक्षा के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका होती है। केवीएस में उच्च प्रशिक्षित प्राचार्यों और शिक्षकों की एक टीम है जो समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और जिनका चयन पूरे भारत में योग्यता के आधार पर किया जाता है। अपने विषय का उत्कृष्ट ज्ञान रखने के अलावा, वे सीखने की नवीनतम तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में विकास से अच्छी तरह अपडेट हैं। उन्हें स्कूल स्तर पर विषय समिति की बैठकों और स्टाफ मीटिंगों, अभिविन्यास और पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों और क्षेत्रीय और अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और सेमिनारों के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत हर साल पहली कक्षा में 25% प्रवेश समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को दिया जाता है और ऐसे बच्चों से आठवीं कक्षा तक कोई फीस नहीं ली जाती। मैं देहरादून संभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न केन्द्रीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों का आभारी हूँ, जिनके निरंतर प्रयासों के कारण हमारा परचम लहरा रहा है।
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श्रीमती पायल लाल
प्राचार्य
"शिक्षा दुनिया को बदलने के लिए इस्तेमाल किया जा सकने वाला सबसे शक्तिशाली हथियार है। यह समर्पित शिक्षकों, प्रेरित छात्रों और ऊंची उम्मीदें रखने वाले उत्साही अभिभावकों के बीच एक साझा प्रतिबद्धता है।”
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
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निपुण लक्ष्य
निपुण का उद्देश्य ग्रेड 3 तक के छात्रों में मूलभूत शिक्षा को मजबूत करना है।
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
स्कूली गतिविधियों में भाग लेने के कारण कक्षाएं छूटने वाले छात्रों के लिए कार्यक्रम|
अध्ययन सामग्री
छात्रों के लिए स्कूल या क्षेत्रीय स्तर पर अध्ययन सामग्री तैयार की जाती है।
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
विद्यालय में विभिन्न व्यावसायिक विकास (सीपीडी) आयोजित की गई |
विद्यार्थी परिषद
सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी परिषद् का गठन किया गया |
अपने स्कूल को जानें
केन्द्रीय विद्यालय एक सामान्य पाठ्यक्रम पर आधारित है|
अटल टिंकरिंग लैब
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डिजिटल भाषा लैब
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आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विद्यालय में केवीएस के मानदंडों के अनुसार एक अच्छा बुनियादी ढांचा है|
पुस्तकालय
पीएम श्री केवी आईटीबीपी देहरादून के पास पुस्तकों का पूर्ण और समृद्ध संग्रह है।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
स्कूल में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशाला है।
भवन एवं बाला पहल
एक ऐसा प्रयास जो बच्चों को नई शिक्षा नीति के तहत कला कौशल से जोड़ता है।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
स्कूल में विभिन्न खेलों में छात्रों को उचित प्रशिक्षण दिया जाता है।
एसओपी/एनडीएमए
स्कूल सुरक्षा के लिए सुरक्षित वातावरण के निर्माण के रूप में परिभाषित किया गया है।
खेल
29 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
विद्यालय में समय-समय पर विभिन्न काउंट एवं गाइड गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
शिक्षा भ्रमण
छात्रों ने क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, देहरादून का दौरा किया।
ओलम्पियाड
स्कूल में समय-समय पर विभिन्न ओलंपियाड आयोजित किये जाते हैं।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी एवं इंस्पायर अवार्ड में भाग लिया
एक भारत श्रेष्ठ भारत
इसका उद्देश्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच बातचीत और आपसी समझ बनाना है।
हस्तकला या शिल्पकला
विद्यालय में हस्तकला और शिल्प कला का समय समय पर आयोजन किया जाता है |
मजेदार दिन
प्राथमिक विभाग में शनिवार को आनंदवार(फन डे) मनाया जाता है।
युवा संसद
विद्यालय हर वर्ष युवा संसद में भाग लेता है |
पीएम श्री स्कूल
विद्यालय को २०२३ में पी एम् श्री बनाया गया |
कौशल शिक्षा
हमने सबसे पहले कौशल पाठ्यक्रम शुरू किया और अब इसके लिए एक पूर्ण कार्यक्रम चल रहा है।
मार्गदर्शन एवं परामर्श
विद्यालय में समय-समय पर मार्गदर्शन और परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं।
सामाजिक सहभागिता
विद्यालय में समय-समय पर सामाजिक सहभागिता के सत्र आयोजित किए जाते हैं।
विद्यांजलि
ये भर के स्कूलों में सामुदायिक क्षेत्र की भागीदारी से स्कूलों को मजबूत करने का उद्देश्य है |
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छोटी सी खुली लाइब्रेरी
03/09/2023
केन्द्रीय विद्यालय के दो शिक्षकों को "राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023" के लिए चुना गया
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